भुवनेश्वर में RBI डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन 25 अक्टूबर को प्रस्तावित
भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन 25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में करने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री कार्यालय की 24 अक्टूबर की घोषणा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम लगभग 4:45 बजे उद्घाटन करेंगे। केंद्र का उद्देश्य महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियों तथा वित्तीय क्षेत्र की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना बताया गया है।

खबर की तारीख: 2026-10-24 · तथ्य जांच: 2026-10-24 (Asia/Bangkok)
भारतीय रिजर्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन 25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में करने का कार्यक्रम है। प्रधानमंत्री कार्यालय की 24 अक्टूबर की घोषणा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम लगभग 4:45 बजे उद्घाटन करेंगे। केंद्र का उद्देश्य महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियों तथा वित्तीय क्षेत्र की तकनीकी क्षमता को मजबूत करना बताया गया है।
तीन मुख्य बातें
- उद्घाटन का घोषित समय 25 अक्टूबर को लगभग शाम 4:45 बजे है।
- घोषणा में चार डेटा सेंटरों में महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियां रखने की योजना बताई गई है।
- प्रशिक्षण संस्थान वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा, उद्यम तकनीक और शोध की क्षमता बढ़ाने के लिए बनाया गया है।
भुगतान ढांचे के लिए नई आधारभूत सुविधा
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार सुविधा सुरक्षित, विस्तार योग्य और लचीला कंप्यूटिंग ढांचा प्रदान करने के लिए तैयार की गई है। उसमें आरबीआई की कंप्यूटिंग आवश्यकताओं और व्यापक वित्तीय क्षेत्र की जरूरतों का उल्लेख है।
चार डेटा सेंटरों में महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियां तथा अन्य प्रमुख पहल रखी जानी हैं। घोषणा डिजिटल सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता बढ़ने की अपेक्षा व्यक्त करती है; उससे किसी खास भुगतान ऐप की तत्काल गति या उपलब्धता में बदलाव साबित नहीं होता।
साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण का अलग उद्देश्य
नया संस्थान साइबर सुरक्षा तथा उद्यम तकनीक प्रशिक्षण, शोध और क्षेत्रव्यापी क्षमता विकास के लिए समर्पित मंच होगा। घोषणा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी उभरती तकनीकों का भी उल्लेख है।
यह खबर 24 अक्टूबर को जारी आगामी कार्यक्रम पर आधारित है। उद्घाटन 25 अक्टूबर के लिए निर्धारित है, इसलिए सुविधा का उद्घाटन हो जाने या अपेक्षित परिणाम मिल जाने का दावा नहीं किया जा रहा। लेख की पुरानी सर्वर तस्वीर आरबीआई या भुवनेश्वर परिसर की नहीं है।

